कुर्मासन:-
कुर्मासन (Kurmasana or Tortoise Pose) संस्कृत भाषा से लिए गया शब्द है, जो दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें पहला शब्द “कुर्मा” का अर्थ “कछुआ” है और दूसरा शब्द “आसन” जिसका अर्थ “मुद्रा या स्थिति” है। यह कछुए के समान दिखने वाली स्थिति है। जिस तरह कछुआ किसी भी प्रकार का खतरा महसूस होने पर अपने खोल या आवरण के अंदर चला जाता है, उसी तरह कुर्मासन करने से आप अंदर की ओर आकर्षित हो जाते हैं और बाहरी दुनिया के आकर्षण बच सकते हैं।
कुर्मासन करने की विधि : -
- सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं।
- फिर अपनी कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर हथेलियों को मिलाकर ऊपर की ओर सीधा रखें।
- इसके बाद श्वास बाहर निकालते हुए सामने झुकिये और ठोड़ी को भूमि पर टिका दें।
- इस दौरान दृष्टि सामने रखें और हथेलियों को ठोड़ी या गालों से स्पर्श करके रखें।
- कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद श्वास लेते हुए वापस आएं।
कुर्मासन करने का लाभ :
- यह आसन डायबिटीज से मुक्ति दिलाता है क्योंकि इससे पेन्क्रियाज को सक्रिय करने में मदद मिलती है।
- यह आसन उदर के रोगों में भी लाभदयक है।

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