(हृदयाघात) हार्ट अटैक क्या हैं | What is Heart Attack
रोधगलन (Myocardial infraction), दिल के दौरे के लिए शब्द का शाब्दिक अर्थ हैं "हृदय ऊतक क्षति या मृत्यु" (Heart Tissue Damage or Death)। दिल का दौरा सबसे अधिक तब होता हैं जब एक या अधिक कोरोनरी धमनिया (Coronary Artery) - रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) का एक नेटवर्क जो हृदय को रक्त की अपूर्ति करते हैं, अवरोधित (Block) हो जाती हैं। हृदय की मांसपेशी ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के लिए भूखी रह जाती हैं। हार्ट अटैक की समस्या तब होती हैं जब हृदय के किसी हिस्से में ब्लड की सप्लाई बंद हो जाती हैं या पर्याप्त मात्रा में इस पार्ट को रक्त (Blood) नहीं मिल पाता हैं ।
जब खून का दौरा (Blood flow) हुए लम्बा समय हो जाता हैं तो दिल की मांसपेशियों को नुकसान (Muscles Damage) होने लगती हैं इससे हार्ट अटैक (दिल का दौरा) की स्थिति बनती हैं। हार्ट ब्लॉकेज को एट्रियोवेंट्रिकुलर (एवी) ब्लॉक (Atrioventricular block) या कंडक्शन डिसऑर्डर (Conduction Disorder) भी कहते हैं। ये समस्या दरअसल हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होने वाली खराबी कहलाती हैं। इसकी वजह से व्यक्ति के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार आमतौर पर भी इंसान को तीन बार हार्ट अटैक (हृदयाघात) आ सकता हैं। लेकिन 45 साल से अधिक के पुरुषों और 55 साल से अधिक आयु की महिलाओं को हार्ट अटैक आने का खतरा ज्यादा होता है।
हार्ट अटैक का कारण (Causes of Heart Attack)-
डॉक्टरों का मानना हैं की हमारी लाइफ स्टाइल बेहद बुरी हो गयी हैं आधी से ज़्यादा बीमारियां तो हमें इसी वजह से हो रही हैं। थोड़ी सी लापरवाही और गलत आदतों के चलते कम उम्र में ही लोगों को हार्ट अटैक की समस्या का शिकार होना पड़ रहा हैं। कुछ प्रमुख कारण है -
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन -
आजकल कम उम्र के युवा दूसरों की देखा -देखी में स्मोकिंग और अल्कोहल की आदत लगा लेते हैं, डॉक्टरों के मुताबिक ये आदते इंसान के अंदर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज जैसी बीमारी का लक्षण पैदा कर देती हैं। अधिक शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता हैं जिसका सीधा असर ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) पर पड़ने से हार्ट पम्पिंग शुरू हो जाता हैं। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता हैं।
जंक फ़ूड -
डाइट में ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी होना। आमतौर पर युवा पीढ़ी अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में जंक फ़ूड पर निर्भर हैं जिससे वो तली चीजों का ज़्यादातर इस्तेमाल करते हैं और इसका प्रभाव सीधा दिल और स्वास्थ्य पर पड़ता हैं।
तनाव -
यदि आप तनाव से ग्रसित हैं तो आपका तन और मन स्वस्थ नहीं रह सकता । यह आपके दिल और मस्तिष्क पर प्रभाव डालता हैं। इससे बचे और और ज़िन्दगी को खुलकर एन्जॉय करे। जीवन अनमोल है दोस्तों।
हाई कोलेस्ट्रॉल -
एस्ट्रोजन (Estrogen) महिलाओं को हाई कोलेस्ट्रोल से बचाता हैं। लेकिन रजोनिवृत्ति (menopause) के बाद इसकी मात्रा कम हो जाती हैं और कोलेस्ट्रोल बढ़ जाता हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हार्ट अटैक आ सकता हैं।
उच्च रक्तचाप -
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक हो सकता हैं। महिलाओ में प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना आम बात हैं जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता हैं।
मोटापे और डायबिटीज की समस्या -
मोटापे और डायबिटीज की समस्या में कैंसर या किडनी फेलियर, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता हैं।
हार्ट अटैक के प्रकार (Types of Heart Attack)-
स्टेमी : क्लासिक हार्ट अटैक (STEMI - CLASSIC HEART ATTACK)-
स्टेमी तब होती है, जब कोरोनरी धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध (block) हो जाती है और रक्त प्राप्त करना बंद कर देती हैं। इसमें दिल की मांसपेशियों को सबसे ज़्यादा नुकसान होता हैं और इस वजह से हार्ट अटैक आ जाता हैं। इससे बचने के लिए आपको इसके लक्षण जानना चाहिए जैसे :- सीने में बेचैनी या तेज दर्द या दबाव या जकड़न महसूस होना, जी मिचलना, सांस लेने में कठिनाई होना, चक्कर आना, ठन्डे पसीने छूटना।
कोरोनरी धमनी ऐंठन (CORONARY ARTERY SPASM)-
बिना ब्लॉकेज के होने वाला साइलेंट हार्ट अटैक को मेडिकल टर्म में एनजाइना कहते हैं। इसमें व्यक्ति को आमतौर पर ज़्यादा कुछ समझ नहीं आता हैं और कई बार बस मांसपेशियों में दर्द और अपच (Indigestion) जैसे लक्षण महसूस होते हैं। यह तब होता हैं जब हृदय की धमनियों में से एक इतना सख्त हो जाता हैं की रक्त प्रवाह या बहुत कम हो जाता हैं।ये बहुत कम समय के लिए होता हैं लेकिन जानलेवा होता हैं।
ऑक्सीजन की कमी से हार्ट अटैक (HEART ATTACK DUE TO LACK OF OXYGEN)-
ऐसे में दिल का दौरा किसी को भी हो सकता हैं ऐसे में दिल का दौरा तब पड़ता हैं हृदय को उसे अधिक ऑक्सीजन की आवयश्कता होती हैं जो उसे मिल सकती हैं।
माइनर या माइल्ड हार्ट अटैक (NSTEMI :MINOR AND MILD HEART ATTACK)-
इसको मेडिकल भाषा में नॉन एस टी एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (Non ST Elevation Myocardial Infraction) कहते हैं। धमनियों में से किसी एक में आंशिक रूप से रुकवाट का कारण बन सकता हैं। इससे हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता हैं। ऐसी अवस्था में हृदय को नुकसान पंहुचा सकता हैं और पूरे शरीर में रक्त पंप करने की हृदय की क्षमता को बाधित कर सकता हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण (Symptoms of Heart Attack):-
- सीने में सामान्य दर्द हाथ ,बाँये कंधे ,पीठ ,गर्दन ,जबड़े या पेट सहित ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी होना।
- पेट की परेशानी जो अपच की तरह महसूस होती हैं।
- सांस की तकलीफ होना।
- चक्कर आना।
- निंद्रा सम्बन्धी परेशानिया।
- गंभीर थकान ।
हार्ट अटैक का निदान (Diagnosis of Heart Attack):-
इसीजी (ECG-Electrocardiogram)-
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या इसीजी एक दैनिक परीक्षण हैं, जो हृदय के माध्यम से जाने आये विद्युत् संकेतो को मापता हैं। यह बता सकता हैं की आपका हृदय की मांसपेशियों को कितना नुकसान हुआ हैं। इसे एक ग्राफ में दर्ज किया जाता हैं जिसमे अलग पैटर्न की तरंगे दिखाई देती हैं। यह आपकी हृदय गति (Heart Beat) और लय की निगरानी भी कर सकता हैं।
रक्त परीक्षण (Blood Test)-
कई रक्त परीक्षण ,जो अक्सर हर ४ से ८ (4 to 8) घंटे में किये जाते हैं, दिल के दौरे का निदान करने और किसी भी चल रहे दिल की क्षति का पता लगने में मदद कर सकते हैं। इस रीडिंग की मदद से डॉक्टर अटैक का आकार और समय की पहचान करने में सक्षम होते हैं। आपके रक्त में हृदय सम्बन्धी एंजाइमो (Enzyme) के विभिन्न स्तर हृदय की क्षति को संकेत देते है। जब वो कोशिकाएं घायल हो जाती हैं उनकी सामग्री एंजाइम सहित रक्त प्रवाह में फैल जाती हैं। इस टेस्ट के द्वारा ट्रोपोनिन (Troponin) के स्तर को भी माप सकते हैं। जो रक्त आपूर्ति की कमी के कारण क्षतिग्रस्त हो जाते हैं ।
इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography)-
यह दिल के दौरे के दौरान और बाद में किया गया एक इमेजिंग परीक्षण हैं। दिल के दौरे के दौरान और बाद में यह जानने के लिए किया जा सकता हैं की आपका दिल कैसे पंप कर रहा हैं और कौन से क्षेत्र उस तरह से पंप नहीं कर रहे हैं जैसे करना चाहिए। इस परीक्षण से यह भी पता चलता हैं की अटैक के दौरान आपके दिल का कोई हिस्सा घायल हुआ हैं या नहीं।
कार्डियक कैथीटेराइजेशन(Cardiac Catherization)-
यदि दवाये इस्कीमिया (Ischemia) या लक्षण में मदद नहीं कर रही हैं तो आपको दिल के दौरे के पहले घंटे के दौरान कार्डियक कैथीटेराइजेशन जिसे कार्डियक कैथ (Cardiac Cath) भी कहाँ जाता हैं। इस प्रक्रिया में कैथिटर (Catheter) को आपकी कमर या कलाई में रक्त वाहिका में डाला जाता हैं और आपके दिल में पिरोया जाता हैं।
हार्ट अटैक का इलाज (Treatment Of Heart Attack):-
एस्पिरिन (Aspirin):-
एस्पिरिन रक्त के थक्के को कम करती हैं। यह एक संकुचित धमनी के माध्यम से रक्त को गतिमान रखने में मदद करता हैं।
ब्लॉक बस्टर [थ्रोम्बोलिटिक्स (Thrombolytics) और फिब्रिनोलिटिक्स (Fibrinolytic)]-
ये दवाये किसी भी रक्त के धक्के को तोड़ने में मदद करती हैं जो हृदय में रक्तप्रवाह को रोक रही हैं। दिल का दौरा पड़ने के बाद जितनी जल्दी थ्रोम्बोलिटिक्स दवा दी जाती हैं दिल की क्षति उतनी ही कम होती हैं और बचने की संभावना उतनी ही अधिक होती हैं। हेपरिन (Heparin) रक्त को कम चिपचिपा करता हैं और थक्के बनने की संभावना कम करता हैं।
नाइट्रोग्लिसिरिन (Nitroglycerine)-
यह दवा रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करती हैं। इसका इस्तेमाल अचानक सीने में दर्द (एनजाइना) के इलाज के लिए किया जाता हैं। इसे गोली या इंजेक्शन के रूप में दिया जाता हैं।
स्टेटिन (Statin)-
ये कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मदद करती हैं। बहुत ख़राब (कम घनत्व बाले लीपॉप्रोटिन या एलडीएल {Low Density Lipoproteins}) कोलेस्ट्रॉल धमनियों को रोक सकता हैं।
बीटा ब्लॉकर्स (Beta Blockers)-
ये दवाये दिल की धड़कन को धीमा करती हैं और रक्तचाप को कम करती हैं। बीटा ब्लॉकर्स हृदय की मांसपेशियों की क्षति की मात्रा को सीमित कर सकते हैं और भविष्य में दिल के दौरे पर सकते हैं।
हार्ट अटैक से बचाव (To Prevent Heart Attack):-
स्वस्थ, संतुलित आहार ले। जितना हो सके अपने आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थो को शामिल करने का प्रयास करे।
स्ट्रेस और तनाव न ले। कम उम्र से सामने आने वाले ज़्यादातर हार्ट अटैक के मामलो में वजह बताया जाता हैं। तनाव दिल पर कई तरह से प्रभाव डालता हैं। यह दिल की धड़कनो को प्रभावित करता हैं। आप तनाव से दूर रहने के मैडिटेशन और योग कर सकते हैं।
यदि आप धूम्रपान करते हैं तो धूम्रपान बंद कर दे। धूम्रपान छोड़ना आपके जोखिम को कम करने में मदद कर सकता हैं क्योकि धूम्रपान हृदय रोग का प्रमुख्य कारण हैं।
मोटापा या बढ़ा हुआ वजन आपके दिल के लिए खतरनाक हैं इसलिए अपने वजन को नियंत्रण में रखे। बढ़ा हुआ वजन कोलेस्ट्रॉल हाई करने की संभावना को बढ़ता हैं। जिससे मधुमेह। धमनिरोग और रक्तचाप का खतरा हो सकता हैं।
साधारण प्रश्न (FAQ ON HEART ATTACK)-
Q 1- सबसे घातक प्रकार का दिल का दौरा कौन सा है?
ANS- सभी दिल के दौरे गंभीर होते हैं, लेकिन एक प्रकार का सबसे खतरनाक होता है और इसे एसटीईएमआई (एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन {ST SEGMENT ELEVATION MYOCARDIAL INFRACTION}), या विडोमेकर हार्ट अटैक (WIDOWMAKER HEART ATTACK) के रूप में जाना जाता है।
Q 2- हृदय दर्द के लिए कौन सी गोली का प्रयोग किया जाता है?
ANS- नाइट्रोग्लिसरीन - आमतौर पर जीभ के नीचे एक टैबलेट के रूप में लिया जाता है - हृदय की धमनियों को आराम देता है, इसलिए संकुचित स्थानों के माध्यम से रक्त अधिक आसानी से प्रवाहित हो सकता है।
Q 3- दिल का दौरा कितने समय तक चलता है?
ANS- हल्के दिल के दौरे के लक्षण केवल दो से पांच मिनट के लिए हो सकते हैं, एक पूर्ण दिल का दौरा अधिक समय तक रहता है, कभी-कभी 20 मिनट से अधिक समय तक।
Q 4- क्या नींद की कमी से दिल की समस्या हो सकती है?
ANS- अनिद्रा, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से जुड़ी हुई है इसीलिये पर्याप्त नींद लेना बहुत जरुरी है।
Q 5- पुरुष या महिला को अधिक दिल का दौरा पड़ता है?
ANS- महिलाओं को आधिकारिक तौर पर पुरुषों की तुलना में अधिक दिल का दौरा पड़ रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह आपके साथ होना तय है, लेकिन अगर आप महिला हैं तो दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। हृदय रोग दुनिया भर में महिलाओं में मृत्यु का शीर्ष कारण है ।
Q 6 सीपीआर (CPR) में एबीसीडी (ABCD) क्या है?
ANS- वायुमार्ग (AIRWAYS), श्वास (BREATHING), परिसंचरण (CIRCULATION), विकलांगता (DISABILITY), एक्सपोजर (EXPOSURE) (एबीसीडीई) दृष्टिकोण गंभीर रूप से बीमार या घायल रोगियों के तत्काल मूल्यांकन और उपचार के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण है।
Q 7- कोरोनरी धमनी रोग का पहला संकेतक क्या है?
ANS- एनजाइना, या सीने में दर्द और बेचैनी, सीएडी का सबसे आम लक्षण है। एनजाइना तब हो सकती है जब धमनियों के अंदर बहुत अधिक प्लाक जमा हो जाता है, जिससे वे संकरी हो जाती हैं। संकुचित धमनियां सीने में दर्द का कारण बन सकती हैं क्योंकि वे आपके हृदय की मांसपेशियों और आपके शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकती हैं।
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