👉🤷♂️ निरोग रहने के सूत्र🤷♂️
भोजन करें धरती पर,
अल्थी- पलथी मार।
चबा -चबा कर खाइये,
वैध ना झांके द्वार।।
प्रातः काल फल रस लो,
दोपहर लस्सी छांछ ।
सादा रात में दूध पी,
सभी रोग का नाश।।
प्रातः दोपहर लीजिए,
जब नियमित आहार।
तीस मिनट की नींद लो ,
रोग ना आवे द्वार।।
भोजन करके रात में,
घूमे कदम हजार।
डॉक्टर ,ओझा, वैद्य का,
लुट जाए व्यापार।।
घूट- घूट पानी पियो,
रहो तनाव से दूर।
एसिडिटी ,या मोटापा,
होवे चकनाचूर।।
अर्थराइज, या हर्निया,
अपेंडिक्स का त्रास।
पानी पीजिए बैठकर,
कभी न आवे पास।।
रक्तचाप बढ़ने लगे ,
तब मत सोचो भाय।
सौगंध राम की खाई के ,
तुरंत छोड़ दो चाय।।
सुबह खाइए कुंवर -सा ,
दोपहर यथा नरेश।
भोजन लीजिए रात में,
जैसे रंक सुरेश।
देर रात तक जागना,
रोगों का जंजाल।।
अपच आंख के रोग,
साथ तन भी रहे निढाल।।

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