Health Benefits of Tomatoes । टमाटर एक, लाभ अनेक -
टमाटर को प्राकृतिक स्वास्थ्य रक्षक कहा जाता है। टमाटर को फल की तरह मानकर खाना अधिक लाभप्रद है। टमाटर एक अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट है टमाटर में विटामिन ए, बी, सी ,भरपूर मात्रा में पाया जाता है ।सभी आवश्यक खनिज लवण पोषक तत्व का भंडार है। टमाटर में विद्यमान विटामिन से आयरन (लोहा )का अवशोषण बढ़ाता है। जिससे रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। कैल्शियम फास्फोरस की मात्रा, अस्थि भंगुरता से बचाती है ।रक्तशोधक दूर होने से त्वचा के रोगों से मुक्ति दिलाकर त्वचा को कांतिमय बनाता है।
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने मधुमेह के रोगी को टमाटर का सेवन करने से रक्त शर्करा नियंत्रित करने का गुण पाया है। टमाटर पाचन शक्ति को बढ़ाकर आंतों को ताकत देता है कब्ज मिटाता है ।जिससे आंतों की शुद्धि होती है ।टमाटर का लाइकोपीन नामक तत्व कैंसर से बचाता है ।टमाटर नेत्रों की शक्ति बढ़ाता है। हृदय आघात (हार्ट अटैक) का खतरा कम करता है। टमाटर रक्त नलिका में जमा यूरिक एसिड बाहर निकालता है। यूरिक एसिड तथा रक्त की अम्लता से उत्पन्न जैव विष (टॉक्सिस )को कम करता है।
टमाटर को सलाद के रूप में सेवन करना या फल की तरह सेवन करना अधिक लाभप्रद होता है। जिनका पाचन कमजोर है उन्हें भोजन के साथ कम मात्रा में सेवन करना चाहिए ।टमाटर अधिक खट्टा ना हो इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए। टमाटर की सब्जी या चटनी में थोड़ी मात्रा में गुड़ मिला देना चाहिए, जिससे टमाटर का खट्टापन कम हो जाए मधुमेह के रोगी के लिए प्रयोग ना करें।
👉 टमाटर के गजब के घरेलू उपयोग-
1-🍅 अजीर्ण में-
👉 लाल टमाटर को थोड़ा सेकर काली मिर्च चूर्ण सेंधा नमक लगाकर खाने से लाभ होता है।
2-🍅 भूख की कमी में-
👉 जठराग्नि मंद पड़ने पर लाल टमाटर काटकर सोंठ चूर्ण तथा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से जठराग्नि तेज होती है। और भूख खुलकर लगती है
3-🍅 तृषा रोग( मुंह सूखना - प्यास लगना)-
👉 लाल टमाटर का ताजा रस 150 ग्राम निकाल कर थोड़ी सी देसी घी, शक्कर तथा 1-2 लौंग पीसकर मिलाकर पीने से तृषा रोग मिटता है।
4-🍅 त्वचा विकार-
👉 लाल टमाटर का रस 100-100 ग्राम सुबह-शाम पीने से त्वचा की विकारों जैसे- त्वचा पर लाल चकत्ते ,छोटी-छोटी फुंसियां, तथा त्वचा का रूखापन, आदि का निवारण होता है। त्वचा रोगों में सफेद नमक को छोड़ देना चाहिए। आवश्यक हो तो सेंधा नमक का प्रयोग विकल्प के रूप में करना चाहिए।
5-🍅 जीर्ण कब्ज-
👉 मैदा चीनी और तले खाद का प्रयोग करने से कब्ज के रोगी दिनों दिन बढ़ रहे हैं। टमाटर का सलाद के रूप में सेवन करने से, तथा टमाटर का सूप या जूस, सेंधा नमक, जीरा, काली मिर्च, काला नमक, शोध के अनुसार मिलाकर नित्य सेवन करने से आंतों की नाड़ियों को बल मिलता है। जटिल कब्ज के रोगियों को चोकर युक्त आटे की रोटी, तथा हरी पत्तेदार साग सब्जी का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए। सलाद (कच्ची सब्जी) भी भोजन के साथ अवश्य सेवन करें।
6-🍅 मधुमेह में-
👉 वर्तमान चिकित्सा शास्त्रियों ने ताजी दही तथा टमाटर का सेवन रक्त शर्करा का स्तर कम करने में उपयोगी पाया है।
(1)- नित्य 250 ग्राम लाल टमाटर सलाद के रूप में सेवन करना चाहि पथ्य के रूप में प्रयुक्त आटे की रोटी ,तथा हरी सब्जी का सेवन करें ,मेथी दाना की सब्जी, मेथी के पत्तों का साग, चने की दाल के साथ करेला की सब्जी, पत्ता गोभी ,मूली ,बैंगन ,टमाटर, तथा पत्तेदार सभी साग सब्जी का सेवन करना चाहिए ।गाजर, पालक ,मटर ,लोबिया ,सेम, सहजन ,आदि भी उपयोगी में है। शकरकंद ,चावल ,चीनी ,गुड़, केला ,आलू सभी मिठाइयां तथा मीठे फल का परहेज आवश्यक है।
(2)- नित्य प्रातः एक हीरा दो, करेला ,तथा दो टमाटर, का रस निकालकर पीने से रक्त शर्करा नियंत्रित रहता है।
7-🍅 पांडु रोग में-
👉 टमाटर का रस 100 ग्राम, दो ग्राम काला नमक ,मिलाकर प्रतिदिन दो-तीन बार पिलाने से लाभ होता है।
8-🍅दांत और मसूड़ों के रोग में-
👉 टमाटर का रस या सूप दिन में 2-3 बार पीने से सभी दंत रोग में लाभ होता है। रक्त विकार से संबंधित रोग भी दूर होते हैं।
9-🍅 ज्वर के बाद कमजोरी में-
👉 ज्वर के बाद पाचक रसों में कमी होने के कारण ,भूख तथा स्वाद का अभाव होने से अरुचि अनुभव होती है ।टमाटर, मूली, अदरक, को काटकर छोटे-छोटे टुकड़े कर लें एवं सेंधा नमक मिलाकर दें ,तथा नींबू का रस इन पर निचोड़ दें ,और रोटी के साथ खिलाएं कमजोरी में फायदा होता है।
10-🍅 मुंह में छाले होने पर-
👉 टमाटर के रस में पानी मिलाकर बार-बार कुल्ला करने से लाभ होता है।
11-🍅 हृदय की धड़कन बढ़ने पर-
👉 2 टमाटर का रस पानी में मिलाकर 4 ग्राम अर्जुन यह चूर्ण डालकर पिलाने से लाभ होता है।
12-🍅 सिर में फोड़े फुंसी होने पर-
👉 टमाटर के रस में कपूर और नारियल तेल मिलाकर लगाने से लाभ होता है। साथ ही टमाटर के हरे पत्तों को पीसकर हल्दी के साथ घृत मिलाकर हल्का गर्म कर पुलटिस बांधने से फोड़ा जल्दी पकता है तथा मवाद निकल जाता है।
13-🍅 ओस्टियोपोरोसिस अस्थि भंगुरता में-
👉 यह 40 वर्ष के बाद होने वाला रोग है। महिलाओं को प्रायः रजोनिवृत्ति के बाद कैल्शियम का तेजी से क्षरण होने के कारण, तथा चीनी और सफेद नमक के सेवन के कारण, उत्पन्न दुष्प्रभाव स्वरूप आधुनिक जीवन शैली का यह रोग है ।अनुसंधान में यह पाया गया है कि 4 माह तक 2 टमाटर का रस नित्य पीने से ओस्टियोपोरोसिस में लाभ होता है ।एक टमाटर के रस में 15 मिलीग्राम लाइकोपेन तत्व प्राप्त होता है ।जो कमजोर अस्थियों को सशक्त बनाने में सक्षम है विशेष रूप से नित्य शुद्ध वायु में प्राणायाम का क्रम अपनाएं, तथा सफेद चीनी की जगह देसी गुड़ का सेवन करें ,ताजे फलों का रस भी नित्य पीने से लाभ होगा।

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