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Blood Pressure in Detail | ब्लड प्रेशर क्या हैं, कारण और कैसे बचे इस ' साइलेंट किलर ' से


ब्लड प्रेशर क्या हैं (WHAT IS BLOOD PRESSURE):-

हृदय द्वारा पंप किये गए ब्लड की मात्रा और धमनियों (आर्टरीज ) में रक्त प्रवाह के खिलाफ प्रतिरोध होता हैं।  इसीलिए आपका हृदय जितना ज़्यादा ब्लड पंप करता हैं और आपकी आर्टरीज जितनी पतली होती हैं आपका ब्लड प्रेशर उतना अधिक होता हैं। ब्लड प्रेशर सालों तक बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता हैं। इसीलिए इस बीमारी को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता हैं। लम्बे समय तक उच्च  रक्तचाप रहने से हार्ट डिजीज के साथ अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। किसी व्यक्ति का रक्तचाप सिस्टोलिक या डायास्टोलिक रक्तचाप के रूप में अभिवयक्त किया जाता हैं। हमारे शरीर में करीब रोज 5 लीटर ब्लड दौड़ता हैं। ब्लड प्रेशर के मरकरी (पारे ) के मिलीलीटर (mmHg) की इकाइओ में मापा जाता हैं। नार्मल ब्लड प्रेशर आमतौर पर 120/80 (mmHg) से काम होता हैं. इसमें १२० सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर और ८० डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर होता हैं.अगर आपकी रीडिंग ९०/६० से ज़्यादा और १२०/८० से कम हैं तो आपका ब्लड प्रेशर नार्मल हैं इसे आइडियल ब्लड प्रेशर भी कहा जा सकता हैं। 

ब्लड प्रेशर के प्रकार (TYPES OF BLOOD PRESSURE):-

ब्लड प्रेशर के दो प्रकार हैं :-

  • सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर(Systolic blood pressure) 
  • डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर (Diastolic blood pressure)

सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर:- 

हार्ट कॉन्ट्रैक्ट होता हैं उसे हम सिस्टोल कहते हैं। जिस प्रेशर से ब्लड धमनियों में घूमता हैं उसे हम सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहते हैं।

डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर:- 

जब दो धड़कनो के बीच में हार्ट रिलैक्सिंग मोड में जाता हैं उस वक़्त जिस प्रेशर से ब्लड धमनियों में घूमता हैं उसे डायास्टोलिक प्रेशर बोलते हैं । 

ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण (REASONS FOR HIGH BLOOD PRESSURE):-

ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की बिमारी एडल्ट्स में होती हैं। सोसाइटी में बढ़ते स्ट्रेस लेवल की वजह से ब्लड प्रेशर अब पैतीस -चालीस साल की उम्र से घटकर बीस से पच्चीस साल की उम्र में भी होने लगा हैं। जिसके चलते युवाओ में बीपी से जुडी बीमारियो बढ़ने का खतरा बढ़ रहा हैं । सर्दी में ब्लड प्रेशर बढ़ना एक सामान्य प्रॉब्लम हैं । आर्टरीज और हार्ट रेट बढ़ने ,हार्मोनल चैंजेस, एनवायर्नमेंटल बदलाव , डाइटरी हैबिट, नमक ज़्यादा खाने और बहुत ज्यादा इमोशनल होने  से भी ब्लड प्रेशर बढ़ता हैं। ज़्यादा गुस्सा करने पर ब्रेन में एड्रेनल हॉर्मोन बढ़ता हैं यह हॉर्मोन बढ़ने से गुस्सा तेज़ होता हैं इस वजह से ब्लड प्रेशर हाई हो जाता हैं। बीपी की वजह से हार्ट फेलियर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्टोक हो सकता हैं।

ब्लड प्रेशर लो होने के कारण (REASONS FOR LOW BLOOD PRESSURE) :- 

जब किसी इंसान का ब्लड प्रेशर 90/60 से नीचे जाता हैं तो उस अवस्था को लो बीपी कहते हैं। ब्लड प्रेशर हद से कम होने पर ऑर्गन फेलियर से लेकर दिल का दौरा पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति भी पैदा हो सकती हैं। बीपी लो होने का मतलब हैं सेहत को लगातार नुकसान होना। यह एक विकार हैं अपने आप या कई बीमारियों के रूप के  लक्षण में भी विकसित हो सकता हैं। 

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण (SYMPTOMS OF LOW BLOOD PRESSURE):-  

  • चक्कर आना या सर घूमना। 
  • उल्टी जैसा होना या जी मिचलना। 
  • बेहोशी आना। 
  • हाथ पैर ठन्डे होना। 
  • सांस लेने में दिक्कत होना है। 
  • शरीर में थकान या भारी लगना।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण (SYMPTOMS OF HIGH BLOOD PRESSURE):- 

  • अचानक धुंधला दिखना।
  • स्किन पर अचानक से लाल धब्बे आना। 
  • पैरों में सूजन का बढ़ना।
  • नाक से खून आना।
  • सीने में दर्द होना। 
  • सांस लेने में दिक्कत होना।
  • उच्च रक्तचाप नियंत्रण कैसे करे (HOW TO CONTROL HIGH BLOOD PRESSURE):-

    हाई ब्लड प्रेशर के मरीज को कीवी को फल के रूप में ज़रूर शामिल करना चाहिए। यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल  करने में बहुत सहायक होता हैं। कीवी में मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया जाता हैं जो बीपी कंट्रोल करने का काम करता हैं। फलो के अलावा आप दही का सेवन भी बीपी कंट्रोल करने के लिए भी खा सकते हैं। इसमें प्रोटीन,कैल्शियम, राइबोफ्लेविन,विटामिन बी 6 और विटामिन बी 12 काफी मात्रा में पाया जाता हैं।  जो बीपी कंट्रोल करने में सहायक हैं। हाई बीपी की शिकायत वाले लोगो को खट्टे फल खाने चाहिए। अंगूर , संतरे, निम्बू ,फलो में ब्लड प्रेशर को कम करने की छमता होती हैं। हाई ब्लड को कंट्रोल करने के लिए हल्दी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। हल्दी में करक्यूमीन नामक तत्व होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। 

    निम्न रक्तचाप नियंत्रण कैसे करे (HOW TO CONTROL LOW BLOOD PRESSURE):-

    रोज़ाना कॉफ़ी का सेवन करना चाहिए चाय कॉफ़ी में मौजूद कैफीन बीपी को बढ़ाने में काफी सहयोग करता हैं। तुलसी में मैग्नीशियम , पोटैशियम और जैसे अन्य तत्व होते हैं जो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने में बहुत हेल्प करते हैं। 

    ब्लड प्रेशर के इलाज (HOME REMEDY OF BLOOD PRESSURE):- 

    हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचने के लिए लहसुन की 2 कलियों को सुबह खाली पेट पानी के साथ चबाकर खाना चाहिए। तनाव को दूर के करने लिए प्राणयाम करे। हाई प्रेशर वालो को भोजन में नमक की मात्रा कम ही रखना चाहिए। 


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