मधुमेह क्या हैं (WHAT IS DIABETES):-
मधुमेह को वैज्ञानिक रूप से डायबिटीज मेलिटस (DIABETES MELITUS) के रूप में जाना जाता हैं। इन्सुलिन एक हॉर्मोन हैं जो ग्लूकोस के स्तर और सेल्स में अनेक अवशोषण को नियंत्रित करता हैं। जब शरीर के पैंक्रियास में इन्सुलिन पहुँचता हैं तो ग्लूकोस की मात्रा ज़्यादा हो जाती हैं जिसे हम मधुमेह कहते हैं। मधुमेह एक क्रोनिक बीमारी हैं जो आपके पूरे शरीर को प्रभावित करती हैं। डायबिटीज तब होता हैं जब आपका अग्न्याशय पर्याप्त इन्सुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ होता हैं या उस समय होता हैं जब शरीर अपने द्वारा उत्पादित इन्सुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता। इस बिमारी के कारण ब्लड में शुगर की मात्रा खून के सामान्य मात्रा (120 mg/dl) में नहीं रहती। हमारे शरीर का तंत्र हमारे द्वारा खाये जाने वाले भोजन को ग्लूकोज में परिवर्तित कर देता हैं और फिर ग्लूकोज रक्तप्रवाह में प्रवेश करता हैं। शुगर के बहुत अधिक बढ़ जाने की स्थिति को हाइपरग्लाइसेमिया (Hyperglycemia) के नाम से जाना जाता हैं। हाइपरग्लाइसेमिया की स्थिति शरीर के अन्य तमाम अंगो को गंभीर नुकसान पंहुचा सकता हैं।
मधुमेह के कारण (CAUSES OF DIABETES):-
जब शरीर सही तरीके से रक्त में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पाता तब व्यक्ति को मधुमेह की समस्या हो जाती हैं।
मुख्य कारण :-
- इन्सुलिन की कमी होना।
- परिवार में किसी व्यक्ति को मधुमेह होना।
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल ज़्यादा होना।
- एक्सरसाइज या योग न करने की आदत।
- हॉर्मोन्स में बदलाव।
- ब्लड प्रेशर हाई होना।
- खान-पान और जीवनशैली सही न रहना।
- मोटापा या अधिक वजन होना।
मधुमेह के प्रकार (TYPES OF DIABETES) :-
- टाइप- १
- टाइप- २
टाइप -१ मधुमेह की समस्या :-
टाइप-१ मधुमेह किसी भी उम्र में विकसित हो सकता हैं। यह मामला ज़्यादातर बच्चो और जवान लोगो में देखा जाता हैं। इसे ऑटोइम्यून बिमारी माना जाता हैं
टाइप-२ मधुमेह :-
ऐसी समस्या हैं जिसमे अग्न्याशय पर्याप्त इन्सुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता हैं। इस तरह की डायबिटीज के मामले उम्र बढ़ने के साथ अधिक देखे जाते हैं हलांकि मोटापे में ग्रस्त बच्चो में टाइप-२ मधुमेह का खतरा अधिक हो सकता हैं।
मधुमेह के लक्षण (SYMPTOMS OF DIABETES):-
महिलाओ में मधुमेह के लक्षण में वैजिनल यीस्ट इन्फेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, पोल्य्सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होना। थकान, सिर दर्द, धुँधलापनन दिखना, इम्युनिटी सिस्टम का कमजोर होना ,दिल की धड़कन तेज़ होना मधुमेह के शुरुआती लक्षण हैं। मधुमेह ग्रसित व्यक्ति को प्यास ज़्यादा लगती हैं। शरीर में इन्फेक्शन जल्दी होना।
मधुमेह नियंत्रण कैसे करे (HOW TO CONTROL DIABETES):-
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आपको खाने-पीने और जीवनशैली का बहुत ध्यान रखने की ज़रूरत हैं।
जामुन का रस :-
जामुन इन्सुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता हैं और ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता हैं।
पानी पियें :-
पानी से भी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता हैं, क्योकि यह शरीर से ग्लूकोज को बहार निकालने में मदद करता हैं। इसीलिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने के लिए पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रहना ज़रूरी हैं। हाइपरग्लाइसेमिया में सामान्य से अधिक पानी की आवयशकता होती हैं, ताकि किडनी यूरिन के मध्यम से शरीर से अतिरिक्त शुगर को बहार निकाल सके।
दालचीनी की चाय :-
दालचीनी की चाय ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता हैं। दालचीनी में पॉलीफेनोलिक्स होते हैं जो ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये कोलेस्ट्रॉल कण्ट्रोल करने में मदद करते हैं।
पपीते का सेवन:-
पपीते में फाइबर की अच्छी मात्रा होती हैं जो की पेट को सही करता हैं और मेटाबोलिक रेट को तेज़ करता हैं। इसलिए शुगर के मरीज को खाली पेट पपीते का सेवन करना चाहिए।
हरी पत्तेदार सब्जियां:-
शुगर के मरीज को अपने दोपहर के खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए. पालक, मेथी, बथुआ, ब्रोकली, लौकी, तोरई, करेला जैसी सब्जियों को आप लंच में खा सकते हैं. इनमें लो कैलोरी और ज्यादा पोषक तत्व होते हैं. हरी सब्जियों में एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है. हार्ट और आंखों के लिए भी हरी सब्जियां बहुत फायदेमंद हैं. हरी सब्जियों में विटामिन सी होता है जो टाइप 2 के मरीजों लिए भी फायदेमंद हैं. वहीं ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और इम्युनिटी मजबूत बनती है
डायबिटीज के कारण जटिलताएं (COMPLICATIONS DUE TO DIABETES):-
मधुमेह का अगर सही इलाज न किया जाए तो आगे चल कर बहुत गंभीर समस्या हो सकती हैं। इसलिए ज़रूरी हैं सही समय पर सही इलाज किया जाए। लगातार उच्च रक्तचाप का स्तर गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता हैं जैसे:-
- कार्डियोवैस्कुलर रोग (हृदय )
- न्यूरोपथी (नर्व डैमेज)
- पैरों में छाले और दर्द होना।
- नेत्र रोग।
डायबिटीज के मरीज इन फूड्स से करें परहेज (FOOD TO AVOID IN DIABETES):-
किशमिश-
डायबिटीज के मरीजों को ड्राईफ्रूट्स में किशमिश खाने से परहेज करना चाहिए। किशमिश मीठी होती है. ऐसे में इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को किशमिश के परहेज रखना चाहिए. ड्राई फ्रूट्स ताजा फलों का कांसन्ट्रेटिड फॉर्म होता है. अंगूर और किशमिश में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा में काफी अंतर होता है. इसलिए किशमिश को अपनी डाइट से बाहर कर देना चाहिए।
चीकू-
डायबिटीज के पेशेंट को फलों में चीकू खाने से भी परहेज करना चाहिए. चीकू खाने में बेहद मीठा होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी ज्यादा बढ़ा हुआ होता है. इसलिए शुगर के मरीजों को चीकू नहीं खाना चाहिए।
आलू-
मधुमेह के रोगियों को आलू का सेवन भी बहुत कम मात्रा में करना चाहिए. ज्यादा आलू खाना शुगर पेशेंट्स के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आलू में हाई कार्बोहाइड्रेट होता है साथ ही इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा भी बहुत होती है। आलू खाने से ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है।
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