दोस्तों अगर आपकों नौकरी नही मिल रही है या किसी परीक्षा में सफलता नही मिल रही है तो इस पोस्ट को अवश्य पढ़े 👇
एक बार एक युवक को संघर्ष करते-2 कई वर्ष बीत गए लेकिन उसे सफलता नही मिली, वह काफी ज्यादा निराश और हताश हो गया और नकारात्मक विचारों से इस कदर घिर गया कि उसने उम्मीद ही छोड़ दी और आत्महत्या करने का मन बना लिया
वह जंगल में गया और आत्महत्या करने ही जा रहा था कि अचानक उसे एक संत ने देख लिया और उन्होंने उससे कहा कि बच्चे क्या बात है, तुम इस घनघोर जंगल में क्या कर रहे हो ?
तो उस युवक ने जवाब दिया : कि मै जीवन में संघर्ष करते - 2 थक गया हूँ और अब मै आत्महत्या करके अपने बेकार जीवन को नष्ट करने आया हूँ (www.jaruribaten.com)
संत ने पूछा तुम कितने दिनों से संघर्ष कर रहे हो ? तो युवक ने कहा मुझे 6 वर्ष के लगभग हो गए, मुझे न तो कही नौकरी मिली और न ही मैं किसी परीक्षा में सफल हो सका हूँ
संत ने कहा तुम्हे नौकरी भी मिल जायेगी और तुम सफल भी हो जाओगे निराश न हो, कुछ दिन और प्रयास करो तो युवक ने कहा मै किसी भी काम के योग्य नही हूँ अब मुझसे कुछ नही होगा
जब संत ने देखा कि युवक बिलकुल हिम्मत हार चुका है तो उन्होंने उसे एक कहानी सुनाई - एक बार एक लड़के ने दो पौधे लगाये एक बांस का और दूसरा फर्न (कैक्टस) का, एक साल के अन्दर वो कैक्टस का पौधा लग गया उसमे नए पत्ते निकलने लगे लेकिन बांस का पौधा जस का तस ही था
एक साल बाद कैक्टस का पौधा बढ़ने लगा उसमे अच्छी वृद्धि होने लगी लेकिन बांस के पौधे में कोई वृद्धि नही हुई वो वैसे ही था दो साल बीत गए, तीन साल बीत गए कैक्टस बढ़ता गया लेकिन बांस अब भी ग्रो नही कर रहा था लड़के ने हिम्मत नही हारी वह लगातार दोनों पौधों की देख-रेख करता रहा
चौथे साल बांस के पौधे से दो-तीन नये पौधे निकलने लगे और वो फिर जोरों से बढ़ने लगा और देखते ही देखते उसके आस-पास बांस का पूरा कोठ बन गया (hindi moral stories)
अब इस कहानी से सीख ये मिलती है कि इतने सालों तक बांस जमीन के अन्दर अपनी जड़े मजबूत कर रहा था और फिर जब वो ग्रो करना शुरू किया तो सफलता के शिखर पर था
ठीक ऐसे ही हम जब तक असफल हो रहे है तो इसका ये मतलब है कि हम उससे सीख कर अपनी जड़े मजबूत कर रहे है जो आगे हमारी सफलता में मददगार साबित होगी
इसके बाद युवक का मन बदल गया और वो वापस अपनी मंजिल की तरफ लौट आया

1 टिप्पणियाँ
Good
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