चुहिया रानी (हिन्दी कविता)
😻😻
चुहिया रानी, चुहिया रानी
लगती हो तुम बड़ी सयानी !
जैसे हो इस घर की रानी
तभी तो करती हो मनमानी !
कुतर-कुतर सब कुछ खा जाती
आहट सुन झट से छुप जाती !
जब भी बिल्ली मौसी आती
दुम दबा बिल में घुस जाती
😈😈
चुहिया रानी, चुहिया रानी
लगती हो तुम बड़ी सयानी !
जैसे हो इस घर की रानी
तभी तो करती हो मनमानी !
कुतर-कुतर सब कुछ खा जाती
आहट सुन झट से छुप जाती !
जब भी बिल्ली मौसी आती
दुम दबा बिल में घुस जाती
😈😈
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1 टिप्पणियाँ
Nice
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