Hindi Story : एक बेटा, जिसने सच बोलकर मां का दिल जीत लिया
सुरेश क्रिकेट का बहुत बड़ा फैन था बचपन में ही उसके पिता की एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी मां ने ही उसका पालन पोषण किया था उसकी मां को क्रिकेट में कोई रुचि नहीं थी वह हमेशा सुरेश को पढ़ाई में मन लगाने को कहती थी लेकिन वह पढ़ते वक्त भी क्रिकेट के बारे में ही सोचता रहता था सुरेश के दिमाग से क्रिकेट का भूत उतारने के लिए उसकी मां ने उसके सारे खेल बंद करवा दिए उसको घर के में बंद करके रखा जिससे कि वह दोस्तों के साथ क्रिकेट ना खेल पाए
लेकिन उस पर कोई फर्क ना पड़ा वह कभी बेलन को अपना बैट बना लेता तो कभी किताबों को सुरेश की मां को कई लोगों ने समझाया कि उसको क्रिकेट खेलने दे वह बहुत अच्छा कर सकता है लेकिन उन्हें यह बात जरा भी समझ नहीं आती थी
सुरेश धीरे-धीरे बड़ा होता गया एक तरफ उसकी मां थी जो किसी भी सूरत में बेटे को क्रिकेट खेलने नहीं देना चाहती थी और दूसरी तरफ सुरेश था जो क्रिकेट के बगैर नहीं रह सकता था सुरेश मां को भी दुखी नहीं देखना चाहता था
उसने तय किया कि वह मां के सामने क्रिकेट नहीं खेलेगा ना उन्हें यह पता चलने देगा कि वह अब भी क्रिकेट को पसंद करता है सुरेश चोरी-छिपे क्रिकेट खेलता गया
एक दिन सुरेश की मुलाकात एक मशहूर टीम के कोच से हुई वह कई दिनों से सुरेश का खेल देख रहे थे उन्होंने सुरेश को अपनी टीम से खेलने को पेशकश की सुरेश को पता था कि अगर वह इस टीम में खेलेगा तो उसकी मां को पता चल जाएगा और उन्हें बहुत बुरा लगेगा उसके दोस्तों ने उसे समझाया कि अगर वह खेलेगा तो उसका नाम होगा और नाम होगा तो उसकी मां को गर्व होगा लेकिन राना उस टीम में खेलने के लिए मां का विश्वास नहीं तोड़ पाया उसने तय किया कि अब वह क्रिकेट नहीं खेलेगा सुरेश ने निर्णय तो ले लिया पर उसे निभा पाना उसके लिए कठिन था वह दिन प्रति दिन उदास होता गया उसका घर से निकलना एकदम बंद हो गया उसकी मां ने उसे कई बार जानने की कोशिश की थी वह इतना उदास क्यों है पर उसने मां को इस डर से कुछ नहीं बताया कि सब कुछ सुनकर उन्हें ठेस लगेगी एक दिन उसकी मां क्रिकेट किट और चमचमाती जूते के साथ घर लौटी
सुरेश यह देखकर दंग रह गया मां बोली बेटा मुझे माफ कर देना इससे पहले कि मैं कुछ और बोलती सुरेश उनके गले लग गया दोनों फूट-फूट कर रोने लगा अगले दिन सुरेश पहली बार मां के साथ अपने करियर का पहला मैच खेलने गया
सीख : झूठ का रास्ता आसान है पर सच का रास्ता नामुमकिन को मुमकिन बनाता है

1 टिप्पणियाँ
Nice post thanks
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