ये बात है 1990 की जब दिल्ली के एक व्यक्ति ने MRF कंपनी के 20000 शेयर खरीदे थे और उस समय MRF कंपनी के एक शेयर की कीमत लगभग 10 रुपये थी यानि कि लगभग 2 लाख रूपये उस व्यक्ति ने MRF कंपनी में इन्वेस्ट कर दिए थे
उसके बाद वो पैरालाइज हो गया और लगभग 10 साल उन्हें इससे ठीक होने में लग गए लेकिन 10 साल बाद जब उन्होंने MRF कंपनी के 20 हजार शेयर की बात अपने पोते को बताई तो जब पोते ने पता लगाया तो ये सुनके हैरान रह गया कि जो 20 हजार शेयर उन्होंने लगभग 2 लाख में ख़रीदे थे तब उनकी कीमत 130 करोड़ हो चुकी थी और आज इस वक्त उन 130 करोड़ की कीमत लगभग 160 करोड़ रुपये हो चुकी हैं
Guys, इसे कहते है इन्वेस्टमेंट की पॉवर, हम मिडिल क्लास लोग ज्यादातर अपनी सेविंग को FD या RD में रखते है लेकिन यदि उसका 10 या 20% हिस्सा यदि हम लोग इन्वेस्ट कर दे तो शायद हमारे वारे-न्यारे हो जाये…धन्यवाद
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