Hindi Kavita - हमसे सब कहते
👦👧
नही सूर्य से कहता कोई
धूप यहाँ पर मत फैलाओं
कोई नही चाँद से कहता
उठा चांदनी को ले जाओ
👦👧
कोई नही हवा से कहता
खबरदार जो अन्दर आई
बादल से कब कहता कोई
क्यों जलधार यहाँ बरसाई
👦👧
फिर क्यों हमसे भैया कहते
यहाँ न आओं, भागो जाओ
अम्मा कहती है घर भर में
खेल खिलौने मत फैलाओ
👦👧
पापा कहते बाहर खेलो
खबरदार जो अन्दर आये
हम पर ही सबका बस चलता
जो चाहे वो डांट बताये
👦👧
~~ रचयिता ~~
निरंकार देव सेवक
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