👦👧
चंदा मामा दूर के !
साथ लिए आये तारे
चमक रहे है मिलकर सारे
राजमहल में जैसे जगमग
जलते दिए कपूर के
चंदा मामा दूर के !!
👦👧
दूर-दूर बिखरे है तारे
लगते है ये कितने प्यारे
गिरकर फैल गये हो जैसे
लड्डू मोतीचूर के !
चंदा मामा दूर के !!
👦👧
कुछ आपस में हिले-मिले
एक साथ अनगिनत खिले
जैसे लटक रहे बेलों पर
गुच्छे हो अंगूर के !
चंदा मामा दूर के !!
👦👧
0 टिप्पणियाँ