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Hindi Kavita : माँ, कह एक कहानी


 Hindi Poem for Kids - माँ, कह एक कहानी 

प्रस्तुत कविता का प्रसंग  सिद्धार्थ  (गौतम बुद्ध ) के जीवन से लिया गया है  इस कविता में भगवान गौतम बुद्ध के पुत्र राहुल और पत्नी यशोधरा दो पात्र है ! बालक राहुल अपनी माँ यशोधरा से कहानी सुनाने की बालहठ करता है और माँ बालक को उसी के पिता की कहानी सुनाती हैं 

👦👸

माँ, कह एक कहानी 

बेटा, समझ लिया क्या तूने

मुझकों अपनी नानी ?

कहती है मुझसे यह चेटी, 

तू मेरी नानी की बेटी !

कह माँ, कह लेटी ही लेटी,

राजा था या रानी ?

माँ, कह एक कहानी !

👦👸

सुन उपवन में बड़े सवेरे,

तात भ्रमण करते थे तेरे !

जहाँ सुरभि मनमानी 

जहाँ सुरभि मनमानी ,

हाँ, माँ यही कहानी !

 👦👸

वर्ण-वर्ण के फूल खिले थे,

झलमल कर हिमबिंदु झिले थे 

हलके झोंके हिले-मिले थे 

लहराता था पानी 

लहराता था पानी,

हाँ हाँ यही कहानी ! 

👦👸

गाते थे खग कल-कल स्वर से

सहसा एक हंस ऊपर से 

गिरा बिद्ध होकर खग शर से,

 हुई पक्ष की हानी !

हुई पक्ष की हानी ?

करुणा भरी कहानी !

👦👸

चौंक उन्होंने उसे उठाया 

नया जन्म-सा उसने पाया 

इतने में आखेटक आया 

लक्ष्य सिद्धि का मानी,

लक्ष्य सिद्धि का मानी !

कोमल कठिन कहानी !

👦👸

माँगा उसने आहत पक्षी 

तेरे तात किन्तु थे रक्षी !

तब उसने, जो था खगभक्षी 

हठ करने की ठानी, 

हठ करने की ठानी !

अब बढ़ चली कहानी !

👦👸

हुआ विवाद सदय-निर्दय में 

उभय आग्रही थे स्व-विषय में,

गई बात तब न्यायालय में 

सुनी सभी ने जानी,

सुनी सभी ने जानी !

व्यापक हुई कहानी !

👦👸

राहुल तू निर्णय कर इसका 

न्याय पक्ष लेता है किसका ?

माँ, मेरी क्या बानी ?

मैं सुन रहा कहानी !

कोई निरपराध को मारे,

तो क्यों अन्य न उसे उबारे ?

रक्षक पर भक्षक को वारे,

न्याय दया का दानी !

न्याय दया का दानी !

तूने सुनी कहानी !!

👦👸

~~ रचयिता ~~

- मैथलीशरण गुप्त -

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