Recent Post

6/recent/ticker-posts

Hindi Kavita - वीर तुम बढ़े चलों


Dheshbhakti Geet - वीर तुम बढ़े चलों

💥💥

वीर, तुम बढ़े चलों

धीर, तुम बढ़े चलों 

💥💥

साथ में ध्वजा रहे 

बाल-दल सजा रहे 

ध्वज कभी झुके नही 

दल कभी रुके नही 

वीर तुम बढ़े चलों 

धीर तुम बढ़े चलों

💥💥

सामने पहाड़ हो 

सिंह की दहाड़ हो 

तुम निडर, हटो नही 

तुम निडर, डटो वही 

वीर तुम बढ़े चलों 

धीर तुम बढ़े चलों

💥💥

प्रातः हो कि रात हो

संग हो न साथ हो 

सूर्य सा बढ़े चलों

चन्द्र सा बढ़े चलों

वीर तुम बढ़े चलों 

धीर तुम बढ़े चलों

💥💥

~~ रचयिता ~~

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ