मोटिवेशनल शायरी सन्देश
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जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है
जिंदगी के कई इम्तहान अभी बाकी है
अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीं हमने
अभी तो सारा आसमान बाकी है
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जीत की खातिर बस जुनून चाहिये
जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिये
यह आसमां भी आएगा जमीं पर
बस इरादों में ऐसा जुनून चाहिये
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रख हौंसला वो मंजर भी आयेगा
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा
थक कर न बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर
मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा
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तकदीर के खेल से निराश नही होते
जिंदगी में ऐसे कभी उदास नही होते
हाथों की लकीरों पर क्यों भरोसा करते हो
तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नही होते
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संघर्ष के मार्ग पर जो वीर चलता है
वो ही इस संसार को बदलता है
जिसने अंधकार, मुसीबत और खुद से जंग जीती
सूर्य बनकर वो ही, इक दिन निकलता है
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अपने साये से भी अश्कों को छुपा कर रोना
जब भी रोना तो चिरागों को बुझाकर रोना
जहाँ चोट खाना वहां मुस्कुराना
मगर इस अदा से कि रोये सारा जमाना
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होके मायूस न यू शाम की तरह ढलते रहिये
जिंदगी इक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
ठहरोगे इक पाँव पे तो थक जाओगे
धीरे-2 ही सही मगर राह पर चलते रहिये
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मुश्किलें दिलों के इरादें आजमाएंगी
ख्वाबों के परदे निगाहों से हटाएँगी
गिरकर हरबार तुझे है संभलना
ये ठोकरें ही तुझे चलना सिखायेंगी
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न पूछो कि मेरी मंजिल कहाँ है
अभी तो सफर का इरादा किया है
न हारूँगा हौंसला उम्र भर
ये मैंने खुद से ही वादा किया है
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तालीम नही दी जाती परिंदों को उड़ानों की
वो तो खुद ही समझ जाते है ऊचाई आसमानों की
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तारों में अकेला चाँद जगमगाता है
मुश्किलों में अकेला इंसान डगमगाता है
कांटे से घबराना मत ये मेरे दोस्त
क्योंकि काँटों में ही अकेला गुलाब मुस्कुराता है
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मुश्किलों में भाग जाना आसान होता है
हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है
डरने वालो को कुछ नही मिलता जिंदगी में
और लड़ने वालो के कदमों में सारा जहान होता है
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लड़ने वालो की कभी हार नही होती
चुप बैठने से नैया कभी पार नही होती
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निगाहों में मंजिल थी
गिरें और गिरकर संभलते रहे
हवाओं ने बहुत कोशिश की
मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे
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सोंचने से कहाँ मिलते है तमन्नाओ के शहर
चलना भी जरुरी है मंजिल को पाने के लिए
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यूँ तो सरकार से अवाम को उम्मीद नही
फिर भी इक हिम्मत-ए-इल्तजा तो की जाये
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कौन कहता है आसमान में सुराग नही होता
इक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों
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