बाबा साहेब डॉ भीम राव अंबेडकर के अनमोल वचन-
वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जाति-विहीन करना होगा।
समाजवाद के बिना दलित-मेहनती इंसानों की आर्थिक मुक्ति संभव नहीं।
राजनीति में हिस्सा ना लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है।
बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करना होता है।
महात्मा आये और चले गये। परन्तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं।
जो कौम अपना इतिहास नही जानती है, वह कौम कभी अपना इतिहास नही बना सकती है।
धर्म मनुष्य के लिए बना है न कि मनुष्य धर्म के लिए।
मेरी प्रशंसा और जय-जय कार करने से अच्छा है, मेरे दिखाये गए मार्ग पर चलो।
शिक्षा वो शेरनी है। जो इसका दूध पिएगा वो दहाड़ेगा।
🙏 बाबासाहेब को शत शत नमन 🙏

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