अक्सर हम दुसरो से अपनी तुलना करते रहते है जैसे उसका शरीर कितना अच्छा है उसका रंग कितना गोरा है उसकी पास ये है उसके पास वो और न जाने क्या -2 फिर हम अपने आप को और भगवान को भी दोष देते है की उसको सब दिया और हमें कुछ नहीं वगैरा -2, एक पुरानी बड़ी शानदार कहानी है
वह एक कौवा था और वह हमेशा दुखी रहता था और सोचता था कि भगवान ने उसे काला क्यों बनाया वह अन्य पक्षियों से अपनी तुलना करता रहता था एक दिन वह दुखी मन से पेड़ पर बैठा था तभी वहा से एक साधु निकले साधु के गाल पर एक पानी का मोती टपका तो साधु ने चेहरा उठा कर ऊपर देखा तो कौवा रो रहा था साधु ने बोला रोता क्यों है तो उसने बोला रोऊ नहीं तो क्या करू यह कैसा जीवन दिया है भगवान ने, काला बनाया है कोई रंग है ये, साधू ने पूछा खुश नहीं है उसने बोला बिल्कुल नहीं
साधू ने कहा क्या तकलीफ है तो उसने कहा तकलीफ ही तकलीफ है जिसके घर पर बैठकर कांव-कांव करो तो वो भगा देते है कोई पालता है हमें आज तक आपने देखा किसी को जिसने कौवा पालकर खाना खिलाया हो कभी दो रोटी खिलाई हो
हा श्राद्ध के समय जरुर झूठा खिलाते हैं मुझको ये कोई जिंदगी दी है भगवान ने, तो कौवे की बात सुनकर साधू बोला क्या बनना चाहता है अगर दोबारा मौका मिले बनाता हूं चल आज तुझे, तो उसने बोला जिंदगी में अगर दोबारा मौका मिला तो हंस बनना पसंद करूंगा क्या जबरदस्त सफेद रंग शांति का प्रतीक आह हा हा…
साधु ने बोला आज बनाया तुझे हंस लेकिन एक वादा है जाकर एक बार हंस से मिलकर आ वह भागा -2 गया और बोला हंस भाई क्या मस्त रहता है ना तू क्या रंग दिया है तुझे भगवान ने आय हाय हाय पानी में पैडल मारता है किसी को पता ही नहीं चलता कि चल रहा है, क्या सफेद रंग है तेरे कितना खुश रहता होगा न तू...
तो हंस बोला, कौन बोला रे तुझको कि मै खुश हू we are not happy at all कौवा बोला तुझको क्या तकलीफ है भाई तो हंस ने कहा यह कोई रंग है सफेद रंग मौत के बाद का रंग है कोई तस्वीर खींचता हैं पानी में तो पता ही नहीं चलता है की पानी की खींच रहा हैं कि मेरी खींच रहा हैं सफेद में सफेद मिल जाता हूं फोटो में आता ही नहीं किसी के
तो कौवे ने पूछा की तू खुश नहीं है तो उसने कहा बिल्कुल नहीं फिर दोनों भागे बाबा के पास बोले कुछ तो गड़बड़ है, बाबा बोले तेरे हिसाब से क्या होना चाहिए तो वे बोले महाराज एक मौका दे दो, तो साधू ने पूछा क्या बनना चाहता है तो वे बोलते है तोता बना दो बस क्या रंग है उसके, लोग पालते हैं उसको मिट्ठू-मिट्ठू बुलाते हैं, बोलते है महाराज एक बार बना दो बस साधु बोला ठीक है बना देता हूं लेकिन मेरी एक शर्त है जाकर एक बार तोते से मिलकर तो आओ
दोनों भागे -2 जंगल में गए जहां पर बहुत सारे तोते रहते थे 1 पेड़ पर दोनों ने तीन चार चक्कर लगाए तब उन्हें जाकर एक पोता दिखा और बोले, तोता भाई क्या मस्त जिंदगी जीता है तू कितना खुश रहता है तू क्या लाल लाल सुर्ख तेरे चोंच हैं अहा हा क्या सुन्दर शरीर हैं तेरा लोग तुझे पालते हैं तुझे क्या-क्या नहीं खिलाते हैं तेरी तो बल्ले बल्ले हैं क्या खुश रहता होगा ना तू क्या मस्त है तेरी जिंदगी
उनकी बात सुनकर तोते ने कहा कौन बोला रे तुझे, तो कौवे ने कहा तू भी खुश नहीं है तो उसने कहा बिल्कुल नहीं हूं फिर उन्होंने पूछा तुझे क्या तकलीफ है उसने कहा तकलीफ यह है तुम चार चक्कर लगाये हो पेड़ के मै तुमको दिखा ही नहीं था मैं यह कोई रंग है पेड़ो में मिल जाता हूं तीनों भागे भागे साधु के पास वापस आए बोले महाराज हमको मोर बना दो क्या नेशनल बर्ड है हमारा क्या दिखता है बस बना दो मोर, साधु बोला ठीक है बना लेता हूं लेकिन शर्त वही है जाकर एक बार उससे मिलकर आओ
तीनों भागे भागे मोर के पास गए बोले मोर बाबू क्या बदन है तुम्हारा जब तेरे पंख खुलते हैं ना बाबू तो लोग इंतजार करते हैं कि हम उसकी तस्वीर खींचे ओए होए होए तेरी नाचने के इंतजार में जब घटा बरसती है और जब तू नाचता है तो लोग तेरे दीवाने हो जाते हैं तस्वीरें लेते हैं तेरी नेशनल बर्ड है तू, क्लास में पढ़ाया जाता है तेरे बारे में, खुदा करे तो कभी मौका मिले हम तेरे जैसा ही बन जाए बड़ा खुश रहता होगा तू
मोर ने कहा कौन बोला रे तुमको, तो कौवे ने कहा तेरे को भी तकलीफ है तो मोर ने कहा ध्यान से एक आवाज सुन, तीनों कान लगाकर ध्यान से सुनते हैं एक आवाज पास आ रही है हां तो कौवे ने पूछा क्या है ये, तो मोर ने कहा शिकारी है मां को मार डाला सारे पंख नोच लिए उसके शरीर से पूरे देश में बेचा जाएगा, लोग अपने घरों में खाएंगे, क्या जीवन है ये अगले घंटे का पता नहीं है कि क्या होने वाला है, तो वे बोले खुश नहीं है तू , तो वह बोला बिल्कुल भी खुश नहीं उसने बोला तेरे हिसाब से फिर क्या बनना चाहिए और कौन सबसे खुश है...
उनकी बात सुनकर मोर ने उनसे कहा तूने मटन बिरयानी सुनी तो सबने कहा सुनी, चिकन बिरयानी सुनी तो वे बोले हां, कौवा बिरयानी सुनी तो वे बोले नहीं, तो फिर मोर ने कौवे से कहा तुझे जान का खतरा है उसने कहा नहीं, कोई तुझे मारेगा उसने कहा नहीं, तुझे किसी से तकलीफ उसने कहा नहीं, किसी को तुझसे तकलीफ उसने कहा नहीं, फिर उसने कहा मस्त जी रहा है तू, हमें तो अगले घंटे का पता नहीं क्या होगा तुझसे बढ़िया लाइफ किसकी है बेफिक्र कहने का तात्पर्य यह है कि
आप जो हैं किस अवस्था में जिस रंग के साथ हैं मस्त है यार किसी से अपनी तुलना मत करो तुम्हारे जैसा आदमी भगवान ने दूसरा नहीं बनाया है तुम्हारे जैसा आदमी है कहीं नहीं है ना भाई आप यूनिक हैं अपने आपकी किसी से तुलना मत करें कंपैरिजन में बहुत बड़ी तकलीफ होती है आप जैसे हैं सर्वश्रेष्ठ हैं




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