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Mission Shakti UP Govt in Hindi (मिशन शक्ति-2020)


क्या है मिशन शक्ति:- (what Is Mission Shakti)

महिलाओं और बेटियों और बहनों को अपनी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है. जिसका नाम है मिशन शक्ति

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानी 17 अक्टूबर से 'मिशन शक्ति' का शुभारंभ किया गया इस बार यह मिशन 25 अक्टूबर तक चलेगा सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है

शारदीय नवरात्रि से वासंतिक नवरात्रि के बीच (अक्टूबर-२०२० से अप्रैल-२०२१ ) तक मिशन शक्ति अभियान चलाया जाएगा तब तक हर महीने एक हफ्ते के लिए मिशन शक्ति का आयोजन होगा

उत्तर प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध के खिलाफ उन्हें जागरूक करने के लिए ये कदम उठाया गया है इस अभियान की पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। पहला चरण मिशन शक्ति होगा, जबकि दूसरा चरण ऑपरेशन शक्ति नाम का होगा।

अभियान के पहले चरण में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के सम्बन्ध में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम स्कूलों और अन्य NGO के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में अभियान को ऑपरेशन के रूप में संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने आदेश दिए हैं कि शारदीय नवरात्र के दौरान पूजा पंडालों और रामलीला स्थलों पर कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति हिंसा आदि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के संबंध में जागरूकता वाली लघु फिल्मों और नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन किया जाए। सीएम ने अभियान से सम्बन्धित सभी विभागों को एक रूपरेखा तैयार करके लाने का आदेश दिया है।

सीएम ने कहा कि पहले चरण में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका नाम मिशन शक्ति होगा। वहीं दूसरे चरण में कार्रवाई होगी, इसे ऑपरेशन शक्ति नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा अभियान के साथ विभिन्न इच्छुक स्वयंसेवी, व्यावसायिक, संगठनों और संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। संवाद बनाकर अधिकाधिक संस्थाओं को जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही जन आन्दोलन बनता है।

वैसे समय -2 पर इस तरह की कई योजनाये तथाकथित सरकारों द्वारा लागू की गई है इसे धरातल पर कैसे उतारा जायेगा और क्या वास्तव में इससे बदलाव होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा

जबतक युवा बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार नहीं दिए जायेंगे नारियों का सम्मान करना नहीं सिखाया जायेगा तबतक इसे सफल नहीं किया जा सकता है इसके लिए अभिभावक, परिवार और बेसिक स्कूलों को अपनी जिम्मेदारी बढ़ानी होगी

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