गांव में प्रधानी कय चुनाव आवत बाय अब तो फेसबुक और व्हाट्सएप के साथ साथ गली और चौराहे पर नेतन क़य बकैती होई भईया. प्रस्तुत है एक निष्कर्ष रहित कटाक्ष बस पढ़िए और आनंद लीजिये…
आज गांव की लगभग पूरी की पूरी युवा आबादी, घोर लंपटई की गिरफ्त में है इनका पढ़ाई-लिखाई में मन नही लगता और देश दुनिया की कुल समझ बस फेसबुक और व्हाट्सअप से बनी है वही पर पाकिस्तान माफ़ी मागता है और चीन थर थर कांपता है |
भईया लोगन कय दहेज़ मा मोटरसाइकिल मिली है, भले कमाई धमाई ना हो धान-गेहू बेच कय पेट्रोल भराय लिहे और सड़की पर दूनो टाइम जायेक बा और जो लोकल नेता लोग है वो ऐसे ही युवाओ का इस्तेमाल करते है इनकी बिगड़ी हुई आदतों में इजाफा करके इनको शराब की लत लगा देंगे चुनाव के टाइम में इन्हें पैसा देंगे इन के खर्चे के लिए और ऐसे लोग नेता जी जिंदाबाद जिंदाबाद करके चमचई करते रहेंगे और फिर चुनाव जीतने के बाद इन्हें इनके हाल पर छोड़ देंगे तब तक भैया जी को सारी अच्छी आदतें लग चुकी होंगी और फिर इन गलत आदतों के साथ ऐसे युवा न तो अपने साथ और न ही परिवार और समाज के साथ सही न्याय कर पाता है |
दोस्तों इस पोस्ट को लिखने का उद्देश्य बस यही है की आप कभी भी जीवन में कोई गलत साथ संगत या कार्य करने से पहले इक बार अवश्य सोचिये की आपके जन्म से लेकर युवा अवस्था में आने तक आपके माता पिता और आपसे जुड़े अन्य लोगों ने आपके लिए कितने कष्ट उठाये है आपकी माता-पिता ने कितने त्याग किये है तपस्या की है इसे बिलकुल भी नजरअंदाज़ मत करिए मनुष्य जीवन का जो अच्छा सदुपयोग हो सकता है आप उसे करे किसी को जान बूझ कर तकलीफ न दे किसी का मजाक न बनाये समय बहुत बलवान है अच्छे लोगों का साथ करे अच्छी पुस्तकों को पढ़े शिक्षा वो ले जो आगे आपके जीवन में काम आये रोजगार के सुअवसर दे समय के साथ अपने स्किल को अपडेट करते रहे एक और बात टेक्नोलॉजी को अपने जरुरत के लिए बस उपयोग करे एकदम उसी के होकर न रह जाये |
अभिभावक भी अपने सभी कार्यों के साथ साथ अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर जरूर रखे उनके साथ घुल मिल कर रहे अक्सर ये देखा जाता है खास कर गावों की बचपने तक तो माता पिता बच्चों की सभी गतिविधियों का ध्यान रखते हैं लेकिन जैसे वो तरूणावस्था में प्रवेश करता है तो थोड़ा सा जो देख रेख हैं वो कम हो जाता है जबकि तरूणावस्था में उसका और ध्यान देना चाहिए क्युकी उस समय बच्चों में शारीरिक और मानसिक परिवर्तन दोनों होते हैं और इसी अवस्था में अगर हम इन्हे संभाल देंगे तो आगे इनकी समझ खुद विकसित हो जाएगी और फिर वो अपने देश, समाज और परिवार के लिए अच्छा साबित होंगे…
पोस्ट को पूरा पढ़ने के लिए आपका ह्रदय से धन्यवाद ... और हाँ नेता सही चुने 🙏

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