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Radhe Maa: इस बार बिग बॉस 14 में सबसे महंगी प्रतिभागी होंगी राधे मां (जरुरी बातें)


टीवी के सबसे चर्चित और कंट्रोवर्शियल शो बिग बॉस के 14 में सीजन का आगाज 3 अक्टूबर को शुरू हो गया है इसका ग्रैंड प्रीमियर शाम 7 बजे से शूट किया गया शो में हिस्सा लेने वाले सभी कंटेस्टेंट फिलहाल मुंबई के होटल में क्वारंटाइन है शो को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्साह है दर्शकों की एक्साइटमेंट को बढ़ाने के लिए शो मेकर्स ने प्रतियोगियों के प्रोमोज जारी किए थे जिनमें उनकी पहचान छुपा लिया गया था हाल ही में एक प्रोमो में राधे मां की झलक भी देखने को मिली राधे मां के नाम पर पक्की मुहर लगाते हुए कलर्स की तरफ से एक प्रोमो जारी किया गया था जिसमें राधे मां को बिग बॉस हाउस के अंदर दिखाया गया था जाहिर है बिग बॉस के अंदर राधे मां को देखना दर्शकों के लिए काफी एक्साइटमेंट भरा होगा वहीं खबर यह भी मिल रही है कि राधे मां बिग बॉस 14 की सबसे महंगी प्रतियोगी हैं सूत्रों के अनुसार राधे मां ने शो का हिस्सा बनने के लिए काफी मोटी फीस पर हामी भरी है एक रिपोर्ट के मुताबिक राधे मां को बिग बॉस हाउस में रुकने के लिए 25 लाख की फीस प्रति हफ्ते के हिसाब से दी जाएगी यह फीस इस सीजन में आने वाले सभी प्रतिभागियो से ज्यादा है हालांकि कलर्स चैनल की तरफ से इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नही की गयी है

आइये जानते है राधे माँ से जुडी कुछ जरुरी बातें :-
राधे माँ का भारत में एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व है, उनके हजारों अनुयायी हैं। वह पंजाब की है, लेकिन अब बोरिवली, मुंबई में रह रही है अध्यात्म के पथ के दौरान, वह 1008 परमहंस बाग़ड़ेरा मुकेरिया के महंत रामदेन दास के शिष्य के अधीन आयी, जो होशियारपुर, पंजाब में थे। वे ज्यादातर होशियारपुर में सत्संग और पंजाब के कपूरथला में ही शामिल होती थी। परमहंस डेरा से ज्ञान प्राप्त करने के बाद सुखविंदर कौर ने खुद को एक देवी के रूप में सजाया, बाद में, वह मुंबई आई, जहां मनमोहन गुप्ता (एम.एम. मिठाईवाला) उनके शिष्य बने।

राधे माँ का प्रारंभिक जीवन (Early Life)
राधे माँ का असली नाम सुखविंदर कौर है। उनका जन्म 4 अप्रैल सन 1965 को हुआ था। उन्होंने केवल कक्षा 10 तक पढ़ाई की है। वह पंजाब के गुरदासपुर जिले के दोरंगाला गांव में पैदा हुयी थी,
17 साल की उम्र में उनकी शादी मोहन सिंह से हुई। वह अपने पति की छोटी सी आय के साथ-साथ वह अपने भाई की एक दुकान पर कपड़े सिलाई का काम भी किया करती थी। उनके पति एक बेहतर नौकरी की तलाश में दोहा (कतर) चले गये, इसी समय वह आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित हुई और 23 वर्ष की उम्र में, वह होशियारपुर जिले में 1008 परमहंस बाग डेरा मुकेरियन के महंत राम दीन दास की शिष्य बन गयी। राम दीन दास ने तांत्रिक दीक्षा की देखरेख में उनको ज्ञान दिया और उन्हें राधे का नाम दिया (“राधा माँ”)।

राधे माँ से प्रमुख विवाद (Controversy)
राजनीतिज्ञ और रियलिटी टीवी शो के अभिनेता राहुल महाजन ने उन्हें उनने नृत्य और छोटी पोशाक पहनने के लिए दोषी ठहराया, लेकिन संजीव गुप्ता और उनके परिवार ने इस बात से इनकार किया।
निक्की गुप्ता द्वारा आरोप लगाया गया कि वह रंगीन कपड़े पहनती है और साज श्रंगार करती है। वह सन्यासी वाले कपड़े क्यों नहीं पहनती, तब गुप्ता परिवार ने उन्हें समझाया कि उनके भक्त उन्हें ऐसा नहीं करने देते है।
6 अगस्त 2015 को, मुंबई पुलिस ने उन्हें दहेज उत्पीड़न के एक केस कथित मामले में फरार होने की घोषणा की और उसके खिलाफ लुकअप नोटिस जारी किया।

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