सुंदर पिचाई जिनका पूरा नाम (पिचाई सुंदराजन) का जन्म 10 जून, 1972 को हुआ था ।इनके माता-पिता का नाम लक्ष्मी पिचाई और रघुनाथ पिचाई है वे अल्फाबेट इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और इसकी सहायक कंपनी Google LLC है।
भारत के मदुरै में जन्मे, पिचाई ने धातुकर्म इंजीनियरिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से अपनी डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अमेरिका में सुंदर ने एमएस की पढ़ाई स्टैनडफोर्ड यूनिवर्सिटी से की और वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। पिचाई को पेन्सिलवानिया यूनिवर्सिटी में साइबेल स्कॉलर के नाम से जाना जाता था।आर्थिक तंगी में सुंदर पिचाई 1995 में स्टैनफोर्ड में बतौर पेइंग गेस्ट रहते थे। पैसे बचाने के लिए उन्होंने पुरानी चीजें इस्तेमाल कीं, लेकिन पढ़ाई से समझौता नहीं किया। वे पीएचडी करना चाहते थे लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें बतौर प्रोडक्ट मैनेजर अप्लायड मटीरियल्स इंक में नौकरी करनी पड़ी। प्रसिद्ध कंपनी मैक्किंसे में बतौर कंसल्टेंट काम करने तक भी उनकी कोई पहचान नहीं थी।
भारत के मदुरै में जन्मे, पिचाई ने धातुकर्म इंजीनियरिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से अपनी डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अमेरिका में सुंदर ने एमएस की पढ़ाई स्टैनडफोर्ड यूनिवर्सिटी से की और वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। पिचाई को पेन्सिलवानिया यूनिवर्सिटी में साइबेल स्कॉलर के नाम से जाना जाता था।आर्थिक तंगी में सुंदर पिचाई 1995 में स्टैनफोर्ड में बतौर पेइंग गेस्ट रहते थे। पैसे बचाने के लिए उन्होंने पुरानी चीजें इस्तेमाल कीं, लेकिन पढ़ाई से समझौता नहीं किया। वे पीएचडी करना चाहते थे लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें बतौर प्रोडक्ट मैनेजर अप्लायड मटीरियल्स इंक में नौकरी करनी पड़ी। प्रसिद्ध कंपनी मैक्किंसे में बतौर कंसल्टेंट काम करने तक भी उनकी कोई पहचान नहीं थी।
सुंदर पिचाई ने 1 अप्रैल 2004 में प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में गूगल ज्वाइन किया था उस समय वे प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर थे।, तो इंटरनेट यूजर्स के लिए रिसर्च किया, ताकि यूजर्स जो इन्स्टॉल करना चाहते हैं, वे जल्दी इन्स्टॉल हो जाए। हालांकि यह काम ज्यादा मजेदार नहीं था, फिर भी उन्होंने खुद को साबित करने के लिए अन्य कंपनियों से बेहतर संबंध बनाएं, ताकि टूलबार को बेहतर बनाया जाए। उन्हें प्रोडक्ट मैनेजमेंट का डायरेक्टर बना दिया गया। 2011 में जब लैरी पेज गूगल के सीईओ बने, तो उन्होंने तुरंत पिचाई को प्रमोट करते हुए सीनियर वाइस प्रेसीडेंट बना दिया गया था। एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के डेवलपमेंट और 2008 में लांच हुए गूगल क्रोम में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
सुन्दर पिचाई ने गूगल सीईओ का पद ग्रहण 2 अक्टूबर, 2015 को किया। 3 दिसंबर, 2019 को वह अल्फाबेट के सीईओ बन गए।
सुन्दर पिचाई ने गूगल सीईओ का पद ग्रहण 2 अक्टूबर, 2015 को किया। 3 दिसंबर, 2019 को वह अल्फाबेट के सीईओ बन गए।
सुंदर का पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में गूगल के सर्च टूलबार को बेहतर बनाकर दूसरे ब्रॉउजर के ट्रैफिक को गूगल पर लाना था। इसी दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर लांच करना चाहिए। इसी एक आइडिया से वे गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में आ गए। इसी आइडिया से उन्हें असली पहचान मिलनी शुरू हुई।
2008 से लेकर 2013 के दौरान सुंदर पिचाई के नेतृत्व में क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम की सफल लांचिंग हुई और उसके बाद एंड्रॉइड मार्केट प्लेस से उनका नाम दुनियाभर में हो गया।
2008 से लेकर 2013 के दौरान सुंदर पिचाई के नेतृत्व में क्रोम ऑपरेटिंग सिस्टम की सफल लांचिंग हुई और उसके बाद एंड्रॉइड मार्केट प्लेस से उनका नाम दुनियाभर में हो गया।
सुंदर ने ही गूगल ड्राइव, जीमेल ऐप और गूगल वीडियो कोडेक बनाए हैं। सुंदर द्वारा बनाए गए क्रोम ओएस और एंड्रॉइड एप ने उन्हें गूगल के शीर्ष पर पहुंचा दिया। एंड्रॉइड डिविजन के साथ उन्होंने गूगल के अन्य व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी अपना योगदान दिया। पिचाई की वजह से ही गूगल ने सैमसंग को साझेदार बनाया। सुन्दर पिचई ने जीमेल और गूगल मैप ऐप्स तैयार किए जो रातों रात लोकप्रिय हो गए इसके बाद पिचाई ने गूगल के सभी प्रोडक्ट्स के लिए एंड्रॉइड ऐप तैयार किए
सुन्दर पिचाई के बारे में कुछ रोचक बातें
- Google Chrome को बनाने का श्रेय सुन्दर पिचई को जाता हैै
- 2013 के अंत में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ की दौड़ में भी सुंदर पिचाई शामिल थे हालांकि, बाद में Microsoft के CEO Satya Nadella बने
- आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सुंदर का बचपन में टेक्नोलाॅजी से लगाव बिल्कुल नही था वो अपने स्कूल की क्रिकेट टीम के कप्तान थे
- गूगल में काम करने से पहले सुंदर पिचाई McKinsey & Company के मैनेजमेंट कंसल्टिंग सेल में काम किया करते थे
- उनकी पत्नी का नाम अंजलि पिचाई है और उनके बच्चों का नाम काव्या पिचाई, किरण पिचाई है
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