गंगा उद्गम से संगम तक
भारत की सर्वाधिक महिमामयी नदी गंगा आकाश, धरती, पाताल तीनों लोकों में प्रवाहित होती है। आकाश गंगा या स्वर्ग गंगा, त्रिपथगा, पाताल गंगा, हेमवती, भागीरथी, जाहन्वी, मंदाकिनी, अलकनंदा आदि अनेकानेक नामों से पुकारी जाने वाली गंगा हिमालय के उत्तरी भाग गंगोत्री से निकलकर नारायण पर्वत के पार्श्व से ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, प्रयाग, विंध्याचल, वाराणसी, पाटिलीपुत्र, मंदरगिरी, भागलपुर, अंगदेश व बंगदेश को सिंचित करती हुई गंगासागर में समाहित हो जाती हैं। पृथ्वी पर आकर उसे स्वर्ग बनाने वाली गंगा को भारतवासी अपनी मां की तरह पूजते हैं और प्यार करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा भागीरथी के 60000 पूर्वज, कपिल ऋषि के शाप के कारण भस्म हो गए थे, जिनकी मुक्ति के लिए गंगाजल का होना आवश्यवक था, इसीलिए भागीरथी ने कड़ी तपस्या की और स्वर्ग से ब्रह्माजी के कमंडल में बैठी गंगा जी को धरती पर बुला लिया था लेकिन इनका वेग इतना तीव्र था जिसके कारण ये शिव जी के केशों से होती हुयी धरती पर आयी थी और भागीरथ के पूर्वजों को शाप मुक्त किया था गोस्वामी तुलसीदास ने ठीक ही कहा है-
कीरति, मणिति, मेलि सोई।
सुरसरि सम सब कर हितु होई।।
इस नदी में मछलियों तथा सर्पों की अनेक प्रजातियाँ तो पाई ही जाती हैं मीठे पानी वाले दुर्लभ डालफिन भी पाए जाते हैं। यह कृषि, पर्यटन, साहसिक खेलों तथा उद्योगों के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है तथा अपने तट पर बसे शहरों की जलापूर्ति भी करती है। इसके तट पर विकसित धार्मिक स्थल और तीर्थ भारतीय सामाजिक व्यवस्था के विशेष अंग हैं। इसके ऊपर बने पुल, बाँध और नदी परियोजनाएँ भारत की बिजली, पानी और कृषि से संबंधित ज़रूरतों को पूरा करती हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि इस नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नामक विषाणु होते हैं, जो जीवाणुओं व अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों को जीवित नहीं रहने देते हैं। गंगा की इस असीमित शुद्धीकरण क्षमता और सामाजिक श्रद्धा के बावजूद इसका प्रदूषण रोका नहीं जा सका है। फिर भी इसके प्रयत्न जारी हैं और सफ़ाई की अनेक परियोजनाओं के क्रम में नवंबर, 2008 में भारत सरकार द्वारा इसे भारत की राष्ट्रीय नदी तथा इलाहाबाद और हल्दिया के बीच (1600 किलोमीटर) गंगा नदी जलमार्ग- को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।
क्या आप जानते हैं कि
- गंगा नदी दुनिया की पांचवी सबसे दूषित नदी है.
- अन्य नदियों की तुलना में गंगा नदी में 25% ऑक्सीजन का लेवल ज्यादा है.
- कहा जाता है कि गंगा के पानी में बैक्टीरिया से लड़ने की विशेष शक्ति होती है.
- गंगा का पानी कभी सड़ता नहीं है.
- दिल्ली के रिसर्च सेंटर के एक विशेष शोध में पाया गया है कि गंगा के पानी में मच्छर पैदा नहीं हो सकते.
- ब्रिटिश की प्रयोगशाला में पाया गया कि अगर गंगा के पानी में बैक्टीरिया मिला दिया जाएं तो सारे बैक्टीरिया केवल 3 घंटे के अंदर मर जाते हैं.
- एक पर्यावरण अभियंता रुड़की के डीएस भार्गव विश्वविद्यालय ने अध्ययन किया और पाया कि गंगा दुनिया की एकमात्र नदी है जो पूरी दुनिया में अन्य नदियों की तुलना में कार्बनिक कचरे को 15 से 25 गुना तेज विघटित कर सकती है.
- गंगा डेल्टा नदियों के तलछट समृद्ध प्रवाह द्वारा गंगा और ब्रह्मपुत्र दुनिया में सबसे बड़ा नदी डेल्टा है, जो 59,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है.

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