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करसन भाई पटेल | भारत का वह व्यापारी जिसने अपनी मेहनत से खड़ी की निरमा डिटर्जेन्ट पाउडर की कम्पनी

कहते हैं कि कठोर परिश्रम करने वाले की कभी हार नहीं होती है वह कैसे भी करके अपनी मंजिल तलाश ही लेते हैं कुछ ऐसी ही कहानी है करसनभाई पटेल की जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर देश भर में अपना परचम लहराया 
करसन भाई पटेल का जन्म 1945 में गुजरात के मेहसाणा में एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मेहसाणा के स्थानीय स्कूल से पूरी की इसके बाद उन्होंने 21 साल की उम्र में रसायन विज्ञान से बीएससी की पढ़ाई पूरी की और अहमदाबाद स्थित न्यू कॉटन मिल्स में बतौर लैब असिस्टेंट की नौकरी करना शुरू कर दिया लेकिन करसन भाई पटेल जब नौकरी कर रहे थे तब वह कुछ अलग करने का सपना देख रहे थे इसी दौरान उन्होंने सोंचा की क्यों न कोई ऐसा डिटरजेंट पाउडर बनाया जाए जो साबुन के जैसी धुलाई कर सके और जिसकी कीमत भी साबुन के मुकाबले कम हो 

करसन भाई पटेल में इस पर काम करना शुरू किया उन्होंने 1969 में वाशिंग पाउडर बनाना शुरू किया करसन भाई ने उस वक्त वाशिंग पाउडर बनाने का फैसला लिया जब केवल कुछ गिनी-चुनी  विदेशी कंपनियां ही डिटर्जेंट पाउडर बना रही थी करसन भाई ने अपने घर से निरमा पाउडर बनाने की शुरुआत की उन्होंने अकेले ही अपने लैब के अनुभव के आधार पर निरमा पाउडर को तैयार किया और खुद ही साइकल से लोगों के घर-2 जाकर अपने माल को बेचने लगे उस समय उन्होंने इसकी कीमत 3 रूपये प्रति किलो रखी थी अपने माल की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए उन्होंने एक तर्क निकाला वह कपड़े साफ ना होने पर लोगों को पैसे वापस करने की गारंटी देने लगे करसन भाई पटेल के डिटर्जेंट को जब लोगों ने आजमाया तो उन्हें काफी ज्यादा पसंद आने लगा धीरे-धीरे लोग उनके द्वारा बनाए गए निरमा डिटर्जेंट पाउडर को पहले से ज्यादा खरीदने लगे जैसे जैसे डिमांड बढ़ती चली गई तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर एक छोटी सी फैक्टरी शुरू कर दी  इसके बाद उन्होंने कुछ एम्पलाई और मशीनों के साथ निरमा नाम से इस डिटर्जेंट को लॉन्च कर दिया 

उन्होंने डिटर्जेंट का नाम अपनी बेटी के नाम पर रखा था जिसका एक एक्सीडेंट में डेथ हो गया था
धीरे-धीरे लोगों में इनके पाउडर के प्रति भरोसा बढ़ता चला गया और लोग बिना डरे आसानी से इनके डिटर्जेंट को खरीदने लगे इसके साथ ही करसन भाई पटेल ने अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग बहुत ही अच्छी तरीके से की जिसे आज तक लोग नहीं भूल पाए हैं 1982 में टीवी, रेडियो पर विज्ञापन आना शुरू हुआ

"दूध सी सफेदी, निरमा से आई,
रंगीन कपड़ा भी खिल खिल जाए
सबकी पसंद निरमा
वाशिंग पाउडर निरमा
वाशिंग पाउडर निरमा"

करसन भाई पटेल प्रोडक्ट को तैयार करने से लेकर ग्राहकों के फीडबैक लेने तक का काम खुद किया करते थे आज करसनभाई पटेल भारत के एक अरबपति बिजनेसमैन हैं और निरमा कंपनी का टर्नओवर 27000 करोड रुपए से भी ज्यादा है करसन भाई ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और निरंतरता से अपने काम को किया और एक सफल व्यक्ति बने…

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